Chapter -1 Evolution of Computer in hindi(आधुनिक कंप्यूटर का विकास)
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कंप्यूटर का इतिहास और प्रथम उपकरणों का विकास
कंप्यूटर का इतिहास बहुत पुराना
है। प्राचीन काल में भी लोग गिनती करने के लिए विभिन्न उपकरणों का उपयोग करते थे।
लेकिन आधुनिक कंप्यूटर की शुरुआत 19वीं सदी में हुई थी।
इसके पहले ही धीरे-धीरे बहुत से उपकरणों का विकास हुआ जो आधुनिक कंप्यूटर के
निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
विश्व
के पहले कंप्यूटर के रूप में हम Charles Babbage और Ada
Lovelace को
मानते हैं। Babbage ने एक मैकेनिकल कंप्यूटर बनाने की योजना बनाई थी जिसे उन्होंने Difference
Engine कहा।
लेकिन उन्हें इसे पूरा नहीं कर पाने की समस्या थी। उन्होंने इसके बाद Analytical
Engine की
योजना बनाई थी जो आधुनिक कंप्यूटर की नींव रखती है। Ada
Lovelace, Analytical Engine के पहले विस्तृत लिखित वर्णन बनाने वाली महिला थी जो
इसे आधुनिक कंप्यूटर का पहला उदाहरण मानते हुए देखते थी।
बाद में 20वीं सदी में
एक्सटर्नल और आधुनिक विद्युत उपकरणों के आविष्कार के साथ, कंप्यूटर की तकनीक
बदलने लगी।
ये कंप्यूटर अधिक छोटे, तेज और शक्तिशाली
होते गए और बहुत से अलग-अलग प्रकार के उपयोग के लिए उपलब्ध हो गए।
वर्ष
1937 में, Howard Aiken ने एक नया प्रकार का कंप्यूटर बनाया था जिसे Harvard
Mark I कहा
गया था। यह एक बड़ा विद्युत कंप्यूटर था जिसे लगभग 11 फ़ीट ऊंचा, 51
फ़ीट
लम्बा और दो टन वजन होता था।
बाद
में 1940 के दशक में, John Atanasoff ने पहला डिजिटल कंप्यूटर बनाया जिसे Atanasoff-Berry
Computer कहा
जाता था। इसके बाद ENIAC, EDVAC, UNIVAC जैसे कई अन्य कंप्यूटर बनाए गए।
1960 वर्ष के बाद से, विशेषकर माइक्रोप्रोसेसर के
आविष्कार से कंप्यूटर जल्दी से और सस्ते हो गए। यह उन्नत कंप्यूटर प्रणालियों के
विकास के लिए भी आधार बनाता रहा।
के समय में, कंप्यूटर
दुनिया के हर क्षेत्र में आम तौर पर उपलब्ध हैं। वे व्यापक रूप से नेटवर्क के अंदर
जुड़े हुए हैं जो उन्हें इंटरनेट के माध्यम से संचार और संचार करने की अनुमति देते
हैं।
इस प्रकार, कंप्यूटर का इतिहास
और उनका विकास बहुत रोचक है। यह तकनीकी उत्पादों के लिए आधुनिक जीवन के साथ जुड़ा
हुआ है।
आज, कंप्यूटर इंटरनेट, गेमिंग, मल्टीमीडिया, साइबर सुरक्षा, डेटा वैश्विकीकरण और
बहुत कुछ के लिए उपयोग होते हैं। वे लोगों के लिए सटीकता, गति और कुशलता का एक
नया स्तर प्रदान करते हैं।
इसलिए, कंप्यूटर विज्ञान एक
बड़ा विषय है जो छात्रों को उनके करियर विकास में मदद करता है। छात्रों को
कंप्यूटर के विभिन्न पहलुओं, जैसे सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, हार्डवेयर
इंजीनियरिंग, नेटवर्किंग, साइबर सुरक्षा और
डेटा साइंटिस्ट्री जैसी विषयों में दक्षता हासिल करनी चाहिए।
विभिन्न पीढ़ियों के कंप्यूटरों के
विकास का विस्तृत वर्णन
कंप्यूटरों का विकास बहुत तेजी
से हुआ है और इसमें कुछ महत्वपूर्ण पीढ़ियां हैं।
पहली
पीढ़ी के कंप्यूटरों में वैक्यूम ट्यूब और ट्रांजिस्टर का उपयोग किया गया था। इन
कंप्यूटरों में पंच टेप और कार्ड पंच जैसे उपकरण थे जो इनपुट और आउटपुट के लिए
उपयोग किए जाते थे।
दूसरी
पीढ़ी के कंप्यूटरों में इलेक्ट्रॉनिक्स के उन्नयन के बाद इस्तेमाल होते समय दो उपकरणों में उन्हें प्रोसेस किया जाता था। इस पीढ़ी के कंप्यूटरों में मेन फ्रेम, मैग्नेटिक टेप, मैग्नेटिक डिस्क जैसे उपकरण थे जो इनपुट और आउटपुट के लिए उपयोग किए जाते थे।
तीसरी
पीढ़ी के कंप्यूटरों में एक नई तकनीक के आने से कंप्यूटरों की गति तेज हो गई। इस
पीढ़ी के कंप्यूटरों में कंप्यूटर के मेमोरी, डिस्क, प्रिंटर जैसे उपकरणों
में भी सुधार किया गया था।
चौथी
पीढ़ी के कंप्यूटरों में कंप्यूटर चिप में बड़ी संख्या की क्षमता और गति में सुधार किया गया था। इस पीढ़ी के
कंप्यूटरों में पर्सनल कंप्यूटर और इंटरनेट जैसी तकनीक शामिल हुई।
पांचवीं
पीढ़ी के कंप्यूटरों में आज के समय में इस्तेमाल होने वाले कंप्यूटर शामिल हैं। इस
पीढ़ी के कंप्यूटरों में उच्च गति, बड़ी संख्या की
क्षमता, एमएस
ऑफिस, ग्राफिक्स, गेम्स और मल्टीमीडिया
शामिल हैं।
अब
हम अपने हाथों में ही इंटरनेट चला सकते हैं और सभी अपने कामों को आसानी से
कंप्यूटर के माध्यम से कर सकते हैं। कंप्यूटरों के विकास से हमारी जिंदगी काफी
आसान हो गई है।
छठी पीढ़ी के कंप्यूटरों में
क्वांटम कंप्यूटिंग की तकनीक शामिल है, जो बहुत अधिक गति
वाली कार्यों को करने में सक्षम है। इसके अलावा, आज के समय में ऑनलाइन
विषयों के लिए कंप्यूटर अध्ययन प्रदान करने वाले मुख्य उपकरणों में लैपटॉप, टैबलेट और स्मार्टफोन
शामिल हैं।
अब
हम अपने स्मार्टफोन से ही कंप्यूटर जैसे काम कर सकते हैं। स्मार्टफोन में बहुत से
ऐप्स शामिल हैं जो अलग-अलग काम करने में मदद करते हैं। इसके साथ ही, इंटरनेट के साथ जुड़े
आधुनिक कंप्यूटरों ने बिजनेस, मनोरंजन, शिक्षा, संचार और संसाधनों को
विकसित किया है।
इस
तरह से, कंप्यूटरों
का विकास आज के समय में हमारे जीवन का अभिन्न अंग बन चुका है। इसने न केवल हमारे
काम को आसान बनाया है, बल्कि
इसने हमारे जीवन को भी बेहतर बनाने में मदद की है।
कंप्यूटरों के प्रकार
कंप्यूटर के विभिन्न प्रकार हैं। इनमें से कुछ प्रमुख प्रकार
निम्नलिखित हैं।
1.
सुपर कंप्यूटर - ये उन कंप्यूटरों में से हैं
जो बहुत बड़े और जटिल कार्यों के लिए उपयोग किए जाते हैं। इनमें कई प्रोसेसर होते
हैं जो कंप्यूटर को बहुत तेज बनाते हैं।
2.
मिनी कंप्यूटर - ये कंप्यूटर सुपर कंप्यूटर से
कम आकार के होते हैं और विशेष रूप से न्यूमेरिक कंप्यूटेशन के लिए उपयोग किए जाते
हैं।
3.
माइक्रो कंप्यूटर - ये छोटे आकार के होते हैं
और व्यावसायिक उपयोग के लिए उपयोग किए जाते हैं। इनमें प्रत्येक कंप्यूटर के भीतर
एक प्रोसेसर होता है।
4.
सर्वर - ये कंप्यूटर होते हैं जो अन्य
कंप्यूटरों को जोड़ते हैं और नेटवर्क शेयर करने में मदद करते हैं।
पर्सनल कंप्यूटर - ये आमतौर पर घरों और कार्यालयों में उपयोग किए जाने
वाले कंप्यूटर होते हैं। इनमें केंद्रीय प्रोसेसिंग यूनिट, मॉनिटर, कीबोर्ड और माउस होते हैं।
टेबलेट कंप्यूटर - ये कंप्यूटर होते हैं जो टचस्क्रीन इंटरफेस के साथ आते हैं और आप इनका उपयोग उंगलियों या स्टाइलस के साथ कर सकते हैं।
7. स्मार्टफोन - ये उन
मोबाइल फोनों में से हैं जो कंप्यूटर जैसी फंक्शनलिटी के साथ आते हैं।
8. एम्बेडेड कंप्यूटर -
ये कंप्यूटर होते हैं जो अन्य उपकरणों में निहित होते हैं और उन्हें कंप्यूटराइज
करते हैं। इन्हें इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स के रूप में इंटीग्रेट किया जाता है।
इनके अलावा अन्य कंप्यूटरों के भी विभिन्न प्रकार होते हैं जैसे क्वांटम कंप्यूटर, फोटोनिक कंप्यूटर आदि।
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